UP Scholarship: Suspected / Non Verified by University or Nodal Agency का समाधान

🛡️ प्रमाणित शासकीय सूचना ऑडिट (VERIFIED CIVIC INFORMATION) तथ्य जांच: 04/09/2026
नोडल विभाग / प्राधिकरण: समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश
अधिकृत सरकारी पोर्टल: https://scholarship.up.gov.in (GOV Direct) ↗
स्रोत सत्यापन व अद्यतन: 04/09/2026 (Live Audit) | अंतिम वेब अद्यतन: September 2026
आगामी निर्धारित समीक्षा: 31/12/2026 (त्रैमासिक नीतिगत समीक्षा)
समीक्षा इकाई (Desk): शासकीय योजना अनुसंधान प्रकोष्ठ (Sarkari JanSewa Policy & Verification Desk)
वैधानिक संदर्भ: विभागीय शासनादेश (GO), आधिकारिक राजपत्र अधिसूचनाएं व अधिकृत पोर्टल डेटाबेस
जनहित डिस्क्लेमर: Sarkari JanSewa नागरिकों की सुविधा हेतु एक स्वतंत्र गैर-सरकारी सूचना गाइड है। हम किसी विभाग/मंत्रालय के अधिकृत प्रतिनिधि नहीं हैं। समस्त आवेदन व सत्यापन केवल ऊपर दिए गए आधिकारिक पोर्टल पर ही करें।

योजना का संक्षिप्त विवरण (Overview)

उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति पोर्टल (scholarship.up.gov.in) पर स्टेटस जांचने पर लाखों छात्र-छात्राओं के स्टेटस में 'Suspected Data: Non-Verified by Affiliating Agency / University' अथवा 'Enrollment / Roll Number Not Matched with University Data' प्रदर्शित होता है। इसका सीधा अर्थ यह होता है कि आपके विश्वविद्यालय (जैसे AKTU, लखनऊ विश्वविद्यालय, MGKVP, CSJMU, CCSU आदि) द्वारा नोडल पोर्टल पर छात्रों का डिजिटल मास्टर डाटा समय से अपलोड नहीं किया गया या आपके रोल नंबर में विसंगति पाई गई है। यदि निर्धारित समय सीमा में इसका प्रत्यावेदन नहीं दिया गया, तो जिला समाज कल्याण अधिकारी (DWO) स्तर से आवेदन स्वतः निरस्त हो जाता है। यहाँ इस समस्या का 100% समाधान और आवेदन प्रारूप दिया गया है।

मुख्य लाभ एवं विशेषताएं (Key Benefits)

  • 🎓 छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की 100% सुरक्षा: समय पर प्रत्यावेदन देने से ₹10,000 से ₹60,000 तक की पूरी ट्यूशन फीस व स्कॉलरशिप सुरक्षित।
  • 🏛️ DWO डिजिटल सिग्नेचर अप्रूवल: जिला छात्रवृत्ति स्वीकृति समिति द्वारा संदेहास्पद श्रेणी से हटाकर 'Verified / Recommended by DWO' में परिवर्तन।
  • 📜 प्रमाणित प्रत्यावेदन प्रारूप: कॉलेज प्राचार्य एवं समाज कल्याण विभाग में सीधे जमा करने योग्य आधिकारिक एप्लीकेशन ड्राफ्ट।
  • ⚡ जनसुनवाई (IGRS) फास्ट-ट्रैक समाधान: यूनिवर्सिटी स्तर पर हीला-हवाली होने पर 1076 सीएम हेल्पलाइन से 7 दिन में डेटा अपडेट।

पात्रता के नियम व शर्तें (Eligibility Criteria)

  • छात्र ने UP Scholarship पोर्टल पर समय से वैध ऑनलाइन आवेदन किया हो।
  • संबंधित पाठ्यक्रम में छात्र की न्यूनतम 75% बायोमेट्रिक / विभागीय उपस्थिति दर्ज हो।
  • छात्र ने संबंधित कॉलेज / विश्वविद्यालय में प्रवेश शुल्क जमा किया हो तथा वर्तमान सत्र में नियमित अध्ययनरत हो।
  • पारिवारिक आय सीमा: सामान्य/OBC/अल्पसंख्यक हेतु ₹2 लाख तथा SC/ST हेतु ₹2.5 लाख वार्षिक से अधिक न हो।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची (Documents Required)

  • UP Scholarship वर्तमान स्टेटस का प्रिंटआउट (जिसमें Non-Verified by University प्रदर्शित हो)
  • विश्वविद्यालय का वैध नामांकन प्रमाण पत्र (Enrollment Card) अथवा विगत वर्ष की अंकतालिका (Marksheet)
  • वर्तमान सत्र की कॉलेज शुल्क जमा रसीद (Fee Receipt)
  • हाईस्कूल (10वीं) प्रमाण पत्र (रोल नंबर व जन्मतिथि सत्यापन हेतु)
  • छात्र द्वारा कॉलेज प्राचार्य / नोडल अधिकारी को संबोधित प्रार्थना पत्र

⚠️ छात्रवृत्ति फॉर्म रिजेक्ट होने या पैसा न आने के शीर्ष 5 कारण

यूपी स्कॉलरशिप (सक्षम पोर्टल) व NSP में छात्रवृत्ति रुकने के सबसे बड़े कारण और उनके समाधान:

  • 1. NSP / सक्षम पोर्टल पर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन या OTR अधूरा रहना: नए नियमों के तहत छात्र और संस्थान के नोडल अधिकारी दोनों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य है।
    समाधान: कॉलेज में जाकर अथवा निकटतम सीएससी केंद्र पर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन पूर्ण कराएं।
  • 2. कॉलेज / संस्थान स्तर (Institute Level) पर फॉर्म वेरिफिकेशन पेंडिंग रहना: छात्र द्वारा फॉर्म भरने के बाद कॉलेज स्क्रूटनी कमेटी द्वारा अग्रसारित (Forward) न किए जाने से फॉर्म रुक जाता है।
    समाधान: फाइनल प्रिंट की हार्ड कॉपी समस्त प्रमाण पत्रों के साथ कॉलेज कार्यालय में जमा कर रसीद अवश्य लें।
  • 3. बैंक खाता आधार सीडेड (NPCI DBT Mapped) न होना: खाते में केवल आधार लिंक होना पर्याप्त नहीं है; खाते का NPCI मैपर पर सक्रिय होना आवश्यक है, अन्यथा PFMS भुगतान रिजेक्ट कर देता है।
    समाधान: अपने बैंक जाकर "Aadhaar DBT Mandate Form" जमा करें और पोर्टल पर स्टेटस चेक करें।
  • 4. जाति, आय या निवास प्रमाण पत्र 3 वर्ष से पुराना होना: 3 वर्ष से पुराने प्रमाण पत्र या ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर सत्यापन असफल होने पर समाज कल्याण विभाग फॉर्म अस्वीकृत कर देता है।
    समाधान: आवेदन करने से पूर्व चालू वर्ष का नया डिजिटल हस्ताक्षरित आय व जाति प्रमाण पत्र तैयार रखें।
  • 5. पिछली कक्षा के रोल नंबर, प्राप्तांक या उपस्थिति (<75%) में विसंगति: यदि कॉलेज द्वारा पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति 75% से कम है अथवा रोल नंबर मिसमैच है, तो छात्रवृत्ति रोक दी जाती है।
    समाधान: सस्पेक्टेड डेटा आने पर संशोधन (Correction Window) की अवधि में कॉलेज से सही विवरण अग्रसारित करवाएं।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें (Step-by-Step Application Process)

  1. चरण 1 (कॉलेज नोडल अधिकारी से संपर्क): स्टेटस का प्रिंटआउट लेकर अपने कॉलेज के 'स्कॉलरशिप नोडल सेल / कुलसचिव कार्यालय' में जाएं। उन्हें बताएं कि विश्वविद्यालय स्तर से डाटा अनलॉक या फॉरवर्ड नहीं हुआ है।
  2. चरण 2 (संयुक्त प्रत्यावेदन तैयार करना): कॉलेज से एक आधिकारिक पत्र (Forwarding Letter) तैयार करवाएं, जिसमें कॉलेज यह प्रमाणित करे कि 'यह छात्र हमारे संस्थान का नियमित छात्र है और इसका रोल नंबर [XXXXX] पूर्णतः सत्य है। नोडल एजेंसी द्वारा डाटा अपलोड न होना तकनीकी त्रुटि है।'
  3. चरण 3 (करेक्शन विंडो में विवरण री-अपलोड): जब समाज कल्याण विभाग द्वारा पोर्टल पर 'संदेहास्पद डाटा संशोधन (Correction Window)' खोली जाती है, तो अपनी लॉगिन आईडी से लॉगिन करके रोल नंबर व नामांकन संख्या पुनः दर्ज करके फाइनल सबमिट करें।
  4. चरण 4 (DWO कार्यालय में हार्ड कॉपी जमा): संशोधित आवेदन की हार्ड कॉपी समस्त साक्ष्यों (कॉलेज पत्र, शुल्क रसीद, अंकतालिका) सहित अपने जिले के 'जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास भवन)' कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जमा करें और रिसीविंग लें।
  5. चरण 5 (IGRS पर बैकअप शिकायत दर्ज करें): यदि 10 दिनों में यूनिवर्सिटी डाटा नहीं भेजती, तो तत्काल jansunwai.up.gov.in पर जाकर 'अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण विभाग' के नाम शिकायत दर्ज करें। यूनिवर्सिटी को 72 घंटे में नोडल डाटा पुश करना अनिवार्य होता है।

🔗 संबंधित जनसेवा पोर्टल व अन्य उपयोगी गाइड (Related Cluster Guides)

UP स्कॉलरशिप यूपी छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति (सक्षम पोर्टल) ↗ NSP पोर्टल राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP OTR पंजीयन व मेरिट लिस्ट) ↗

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या यह समस्या छात्र की व्यक्तिगत गलती की वजह से होती है?

अधिकांशतः नहीं! यह 90% मामलों में विश्वविद्यालय (University Nodal Desk) द्वारा समय पर छात्रों की मास्टर लिस्ट समाज कल्याण सर्वर पर डिजिटल रूप से पुश न करने के कारण होती है। यद्यपि फॉर्म भरते समय गलत इनरोलमेंट नंबर भरने से भी यह एरर आ सकता है।

यदि DWO कार्यालय में जमा न करें, तो क्या कॉलेज अपने आप ठीक करा देगा?

कभी भी केवल कॉलेज के भरोसे न रहें! कॉलेज केवल अपनी रिपोर्ट भेजता है। जब तक छात्र स्वयं विकास भवन जाकर DWO पटल पर अपनी हार्ड कॉपी पावती के साथ जमा नहीं करता, तब तक संदेहास्पद डाटा रिजेक्ट होने का भारी जोखिम रहता है।

करेक्शन के कितने दिनों बाद स्टेटस 'Verified by DWO' होता है?

करेक्शन विंडो बंद होने और DWO द्वारा विश्वविद्यालय डाटा क्रॉस-वेरिफाई करने के 7 से 15 दिनों के भीतर स्टेटस बदलकर 'Verified / Recommended by District Scholarship Committee' हो जाता है।

क्या प्राइवेट (Self-Finance) कॉलेजों के छात्रों को भी स्कॉलरशिप मिलती है?

हाँ! उत्तर प्रदेश शासन के नियमों के अनुसार यदि कॉलेज वैध रूप से मान्यता प्राप्त है और छात्र की पारिवारिक आय व मेरिट पात्रता पूरी है, तो प्राइवेट कॉलेज छात्रों को भी सरकारी मानक अनुसार शुल्क प्रतिपूर्ति का पूर्ण अधिकार है।