चोरी या खोया हुआ मोबाइल ब्लॉक / अनब्लॉक करें (CEIR)

🛡️ प्रमाणित शासकीय सूचना ऑडिट (VERIFIED CIVIC INFORMATION) तथ्य जांच: 04/09/2026
नोडल विभाग / प्राधिकरण: दूरसंचार विभाग (DoT), संचार मंत्रालय, भारत सरकार (Ministry of Communications)
अधिकृत सरकारी पोर्टल: https://ceir.sancharsaathi.gov.in/ (GOV Direct) ↗
स्रोत सत्यापन व अद्यतन: 04/09/2026 (Live Audit) | अंतिम वेब अद्यतन: September 2026
आगामी निर्धारित समीक्षा: 31/12/2026 (त्रैमासिक नीतिगत समीक्षा)
समीक्षा इकाई (Desk): शासकीय योजना अनुसंधान प्रकोष्ठ (Sarkari JanSewa Policy & Verification Desk)
वैधानिक संदर्भ: विभागीय शासनादेश (GO), आधिकारिक राजपत्र अधिसूचनाएं व अधिकृत पोर्टल डेटाबेस
जनहित डिस्क्लेमर: Sarkari JanSewa नागरिकों की सुविधा हेतु एक स्वतंत्र गैर-सरकारी सूचना गाइड है। हम किसी विभाग/मंत्रालय के अधिकृत प्रतिनिधि नहीं हैं। समस्त आवेदन व सत्यापन केवल ऊपर दिए गए आधिकारिक पोर्टल पर ही करें।

योजना का संक्षिप्त विवरण (Overview)

दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा संचालित "केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर" (CEIR - ceir.sancharsaathi.gov.in) संचार साथी पोर्टल का प्रमुख सुरक्षा घटक है। यदि आपका मोबाइल खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद आप CEIR पोर्टल पर फोन का IMEI नंबर डालकर उसे पूरे भारत के सभी टेलीकॉम नेटवर्क (Jio, Airtel, Vi, BSNL) पर 1 मिनट में ब्लॉक कर सकते हैं। ब्लॉक होने के बाद चोर कोई भी नया सिम डालेगा तो फोन नहीं चलेगा और पुलिस को तुरंत लोकेशन ट्रेस हो जाएगी।

मुख्य लाभ एवं विशेषताएं (Key Benefits)

  • मोबाइल चोरी होने पर उसके दोनों IMEI नंबरों को पूरे भारत में ब्लॉक करना जिससे फोन किसी काम का न रहे।
  • चोर द्वारा कोई भी नया सिम कार्ड डालते ही पुलिस कंट्रोल रूम को रियल-टाइम लोकेशन और नए सिम का अलर्ट जाना।
  • पुलिस द्वारा फोन बरामद किए जाने पर CEIR पोर्टल से 1 क्लिक में मोबाइल को पुनः चालू (Unblock) करने की सुविधा।

पात्रता के नियम व शर्तें (Eligibility Criteria)

  • भारत का कोई भी नागरिक जिसका मोबाइल फोन देश में कहीं भी खोया या चोरी हुआ है और जिसने पुलिस में ऑनलाइन/ऑफलाइन शिकायत दर्ज कराई है।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची (Documents Required)

  • मोबाइल का 15 अंकों का IMEI नंबर (IMEI 1 और IMEI 2 - बिल या बॉक्स पर उपलब्ध)
  • खोए हुए सिम कार्ड का मोबाइल नंबर (जिसका डुप्लीकेट सिम पहले निकलवा लें)
  • पुलिस शिकायत प्रति / ऑनलाइन एफआईआर / लॉस्ट रिपोर्ट (Police Complaint PDF)
  • मोबाइल खरीद का इनवॉइस / बिल (यदि उपलब्ध हो)
  • मालिक का आधार कार्ड

⚠️ आवेदन रिजेक्ट होने व किस्त रुकने के शीर्ष 5 कारण (DBT & Welfare Schemes)

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) व सरकारी पेंशन/कल्याणकारी योजनाओं में 35% से अधिक फॉर्म इन 5 गलतियों से रुकते हैं:

  • 1. बैंक खाता NPCI / आधार DBT से लिंक न होना (किस्त वापस लौटना): बैंक खाते में आधार लिंक होना अलग बात है और NPCI सर्वर मैपर पर DBT इनेबल होना अलग बात है। यदि DBT इनेबल नहीं है, तो सरकारी किस्त क्रेडिट नहीं हो पाती।
    समाधान: अपनी बैंक शाखा में जाकर "NPCI Aadhaar Seeding Form" जमा करें अथवा पोस्ट ऑफिस (IPPB) में DBT खाता खुलवाएं।
  • 2. आधार e-KYC या जीवन प्रमाण (Life Certificate) पेंडिंग रहना: पीएम किसान, पेंशन और राशन कार्ड में बायोमेट्रिक या आधार ओटीपी e-KYC अनिवार्य है। e-KYC न होने पर लाभार्थी सूची से नाम अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिया जाता है।
    समाधान: आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आधार नंबर व मोबाइल OTP अथवा सीएससी केंद्र पर फिंगरप्रिंट लगाकर तत्काल e-KYC पूरा करें।
  • 3. लैंड सीडिंग (Land Seeding) अथवा भूलेख अभिलेख असत्यापित होना: कृषि व आवास योजनाओं में यदि लाभार्थी के नाम पर दर्ज जमीन का खतौनी रिकॉर्ड राजस्व परिषद से डिजिटल रूप से सत्यापित नहीं होता, तो स्टेटस में Land Seeding NO आ जाता है।
    समाधान: अपनी वर्तमान खतौनी नकल और आधार कार्ड लेकर तहसील के लेखपाल अथवा कृषि विभाग कार्यालय में भूलेख अंकन कराएं।
  • 4. परिवार में पहले से कोई लाभार्थी होना या अपात्रता (Exclusion Criteria): एक परिवार (पति-पत्नी व नाबालिग बच्चे) में केवल एक ही पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिल सकता है। परिवार में आयकर दाता या सरकारी कर्मचारी होने पर फॉर्म स्वतः अमान्य हो जाता है।
    समाधान: योजना के वैधानिक पात्रता नियमों की जांच करें; केवल वही व्यक्ति आवेदन करे जिसके परिवार में कोई अन्य व्यक्ति लाभ न ले रहा हो।
  • 5. आधार, बैंक पासबुक और आवेदन फॉर्म में नाम/पिता के नाम की स्पेलिंग विसंगति: नाम में एक भी अक्षर की भिन्नता होने पर PFMS और UIDAI का ऑटोमेटेड वेरिफिकेशन सिस्टम मिसमैच एरर दर्ज कर भुगतान रोक देता है।
    समाधान: अपने आधार कार्ड के अनुसार बैंक खाते और जनसेवा फॉर्म में नाम व जन्मतिथि को 100% एकसमान कराएं।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें (Step-by-Step Application Process)

  1. चरण 1: अपने टेलीकॉम ऑपरेटर (Jio/Airtel/Vi) से अपने पुराने नंबर का डुप्लीकेट सिम कार्ड निकलवाएं (OTP प्राप्त करने हेतु)।
  2. चरण 2: स्थानीय पुलिस थाने में अथवा राज्य पुलिस के पोर्टल पर "Lost Mobile Report / e-FIR" दर्ज कराएं।
  3. चरण 3: ceir.sancharsaathi.gov.in पर जाएं और "Block Stolen/Lost Mobile" पर क्लिक करें।
  4. चरण 4: मोबाइल नंबर, दोनों IMEI नंबर, ब्रांड, मॉडल और पुलिस शिकायत संख्या दर्ज करें।
  5. चरण 5: पुलिस रिपोर्ट की प्रति व आधार अपलोड करें और डुप्लीकेट सिम पर प्राप्त OTP सत्यापित करें।
  6. चरण 6: सबमिट करते ही रिक्वेस्ट आईडी मिलेगी; 24 घंटे में फोन ब्लॉक हो जाएगा और पुलिस ट्रेसिंग शुरू हो जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

मोबाइल वापस मिलने पर उसे दोबारा चालू (Unblock) कैसे करें?

ceir.sancharsaathi.gov.in पर जाएं ➡️ "Un-Block Found Mobile" पर क्लिक करें ➡️ अपनी Request ID, मोबाइल नंबर और अनब्लॉकिंग का कारण (Recovered by Police) दर्ज करें; 24 घंटे में फोन पुनः चालू हो जाएगा।

🎥 आधिकारिक वीडियो गाइड व ऑनलाइन फॉर्म ट्यूटोरियल

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