यूपी जनसुनवाई समाधान पोर्टल (समस्या व शिकायत निवारण)

🛡️ प्रमाणित शासकीय सूचना ऑडिट (VERIFIED CIVIC INFORMATION) तथ्य जांच: 04/09/2026
नोडल विभाग / प्राधिकरण: मुख्यमंत्री कार्यालय एवं प्रशासनिक सुधार विभाग, उत्तर प्रदेश शासन
अधिकृत सरकारी पोर्टल: https://jansunwai.up.nic.in/ (GOV Direct) ↗
स्रोत सत्यापन व अद्यतन: 04/09/2026 (Live Audit) | अंतिम वेब अद्यतन: September 2026
आगामी निर्धारित समीक्षा: 31/12/2026 (त्रैमासिक नीतिगत समीक्षा)
समीक्षा इकाई (Desk): शासकीय योजना अनुसंधान प्रकोष्ठ (Sarkari JanSewa Policy & Verification Desk)
वैधानिक संदर्भ: विभागीय शासनादेश (GO), आधिकारिक राजपत्र अधिसूचनाएं व अधिकृत पोर्टल डेटाबेस
जनहित डिस्क्लेमर: Sarkari JanSewa नागरिकों की सुविधा हेतु एक स्वतंत्र गैर-सरकारी सूचना गाइड है। हम किसी विभाग/मंत्रालय के अधिकृत प्रतिनिधि नहीं हैं। समस्त आवेदन व सत्यापन केवल ऊपर दिए गए आधिकारिक पोर्टल पर ही करें।

योजना का संक्षिप्त विवरण (Overview)

उत्तर प्रदेश सरकार का एकीकृत शिकायत निवारण पोर्टल जनसुनवाई (jansunwai.up.nic.in) राज्य के नागरिकों को सरकारी विभागों में लंबित कार्यों, भ्रष्टाचार, पुलिस निष्क्रियता और अवैध कब्जों के विरुद्ध सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत दर्ज कराने की सुविधा देता है। दर्ज शिकायत सीधे संबंधित जिलाधिकारी (DM) या वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को समयबद्ध निस्तारण हेतु प्रेषित होती है।

मुख्य लाभ एवं विशेषताएं (Key Benefits)

  • थाने या सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटे बिना घर बैठे मोबाइल से किसी भी विभाग के विरुद्ध शिकायत दर्ज।
  • एंटी भू-माफिया पोर्टल: सरकारी व निजी जमीनों पर अवैध कब्जे की विशेष प्राथमिकता पर ऑनलाइन शिकायत।
  • निस्तारण आख्या (Action Taken Report) से असंतुष्ट होने पर सीधे उच्चाधिकारियों को पुनः संदर्भ (Feedback) भेजने की सुविधा।

पात्रता के नियम व शर्तें (Eligibility Criteria)

  • उत्तर प्रदेश का कोई भी नागरिक अथवा प्रवासी जिसके पास शिकायत दर्ज कराने हेतु आधार/मोबाइल नंबर है।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची (Documents Required)

  • सक्रिय मोबाइल नंबर (OTP सत्यापन हेतु)
  • शिकायत का लिखित विवरण अथवा शिकायती प्रार्थना पत्र की स्पष्ट PDF/JPG (अधिकतम 5MB)
  • संबंधित पूर्व पत्राचार / पुलिस शिकायत की प्रति (यदि उपलब्ध हो)

⚠️ आवेदन रिजेक्ट होने व किस्त रुकने के शीर्ष 5 कारण (DBT & Welfare Schemes)

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) व सरकारी पेंशन/कल्याणकारी योजनाओं में 35% से अधिक फॉर्म इन 5 गलतियों से रुकते हैं:

  • 1. बैंक खाता NPCI / आधार DBT से लिंक न होना (किस्त वापस लौटना): बैंक खाते में आधार लिंक होना अलग बात है और NPCI सर्वर मैपर पर DBT इनेबल होना अलग बात है। यदि DBT इनेबल नहीं है, तो सरकारी किस्त क्रेडिट नहीं हो पाती।
    समाधान: अपनी बैंक शाखा में जाकर "NPCI Aadhaar Seeding Form" जमा करें अथवा पोस्ट ऑफिस (IPPB) में DBT खाता खुलवाएं।
  • 2. आधार e-KYC या जीवन प्रमाण (Life Certificate) पेंडिंग रहना: पीएम किसान, पेंशन और राशन कार्ड में बायोमेट्रिक या आधार ओटीपी e-KYC अनिवार्य है। e-KYC न होने पर लाभार्थी सूची से नाम अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिया जाता है।
    समाधान: आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आधार नंबर व मोबाइल OTP अथवा सीएससी केंद्र पर फिंगरप्रिंट लगाकर तत्काल e-KYC पूरा करें।
  • 3. लैंड सीडिंग (Land Seeding) अथवा भूलेख अभिलेख असत्यापित होना: कृषि व आवास योजनाओं में यदि लाभार्थी के नाम पर दर्ज जमीन का खतौनी रिकॉर्ड राजस्व परिषद से डिजिटल रूप से सत्यापित नहीं होता, तो स्टेटस में Land Seeding NO आ जाता है।
    समाधान: अपनी वर्तमान खतौनी नकल और आधार कार्ड लेकर तहसील के लेखपाल अथवा कृषि विभाग कार्यालय में भूलेख अंकन कराएं।
  • 4. परिवार में पहले से कोई लाभार्थी होना या अपात्रता (Exclusion Criteria): एक परिवार (पति-पत्नी व नाबालिग बच्चे) में केवल एक ही पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिल सकता है। परिवार में आयकर दाता या सरकारी कर्मचारी होने पर फॉर्म स्वतः अमान्य हो जाता है।
    समाधान: योजना के वैधानिक पात्रता नियमों की जांच करें; केवल वही व्यक्ति आवेदन करे जिसके परिवार में कोई अन्य व्यक्ति लाभ न ले रहा हो।
  • 5. आधार, बैंक पासबुक और आवेदन फॉर्म में नाम/पिता के नाम की स्पेलिंग विसंगति: नाम में एक भी अक्षर की भिन्नता होने पर PFMS और UIDAI का ऑटोमेटेड वेरिफिकेशन सिस्टम मिसमैच एरर दर्ज कर भुगतान रोक देता है।
    समाधान: अपने आधार कार्ड के अनुसार बैंक खाते और जनसेवा फॉर्म में नाम व जन्मतिथि को 100% एकसमान कराएं।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें (Step-by-Step Application Process)

  1. चरण 1: jansunwai.up.nic.in पर जाएं और "शिकायत पंजीकरण" पर क्लिक करें।
  2. चरण 2: मोबाइल नंबर व कैप्चा दर्ज कर OTP सत्यापित करें।
  3. चरण 3: अपना नाम, पिता का नाम, आधार संख्या और पूरा आवासीय पता भरें।
  4. चरण 4: शिकायत का विभाग (उदा. राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत), जनपद व तहसील चुनें।
  5. चरण 5: शिकायत का पूरा विवरण लिखें और संबंधित साक्ष्य/दस्तावेज अपलोड करें।
  6. चरण 6: सबमिट कर शिकायत संख्या (Grievance ID) प्राप्त करें; SMS द्वारा अधिकारी का नाम व नियत तिथि प्राप्त होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

शिकायत का निस्तारण कितने दिनों में होना अनिवार्य है?

शासनादेश के अनुसार सामान्य शिकायतों का निस्तारण 15 से 30 दिनों के भीतर अनिवार्य है। नियत तिथि तक समाधान न होने पर शिकायत स्वतः डिफाल्टर श्रेणी में चली जाती है।

🎥 आधिकारिक वीडियो गाइड व ऑनलाइन फॉर्म ट्यूटोरियल

जनसुनवाई पोर्टल (IGRS UP) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें YouTube पर देखें ↗