यूपी भूलेख (खसरा, खतौनी, 16-अंक कोड व नकल देखें)

🛡️ प्रमाणित शासकीय सूचना ऑडिट (VERIFIED CIVIC INFORMATION) तथ्य जांच: 04/09/2026
नोडल विभाग / प्राधिकरण: राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश शासन (Board of Revenue, Govt of Uttar Pradesh)
अधिकृत सरकारी पोर्टल: https://upbhulekh.gov.in/ (GOV Direct) ↗
स्रोत सत्यापन व अद्यतन: 04/09/2026 (Live Audit) | अंतिम वेब अद्यतन: September 2026
आगामी निर्धारित समीक्षा: 31/12/2026 (त्रैमासिक नीतिगत समीक्षा)
समीक्षा इकाई (Desk): शासकीय योजना अनुसंधान प्रकोष्ठ (Sarkari JanSewa Policy & Verification Desk)
वैधानिक संदर्भ: विभागीय शासनादेश (GO), आधिकारिक राजपत्र अधिसूचनाएं व अधिकृत पोर्टल डेटाबेस
जनहित डिस्क्लेमर: Sarkari JanSewa नागरिकों की सुविधा हेतु एक स्वतंत्र गैर-सरकारी सूचना गाइड है। हम किसी विभाग/मंत्रालय के अधिकृत प्रतिनिधि नहीं हैं। समस्त आवेदन व सत्यापन केवल ऊपर दिए गए आधिकारिक पोर्टल पर ही करें।

योजना का संक्षिप्त विवरण (Overview)

उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद का आधिकारिक भूलेख पोर्टल (upbhulekh.gov.in) राज्य के सभी 75 जनपदों की भूमि व संपत्तियों के रियल-टाइम भू-अभिलेख ऑनलाइन उपलब्ध कराता है। इस पोर्टल पर 16 अंकों का विशिष्ट गाटा यूनिक कोड (Land Unicode), खतौनी नकल, जमीन पर बैंक बंधक (KCC/Loan) की स्थिति, और राजस्व न्यायालय में चल रहे मुकदमों (vaad.up.nic.in) की जानकारी घर बैठे 1 मिनट में देखी जा सकती है।

मुख्य लाभ एवं विशेषताएं (Key Benefits)

  • 📱 घर बैठे मोबाइल से किसी भी खेत/जमीन की प्रमाणित रियल-टाइम खतौनी नकल देखने व प्रिंट करने की 100% मुफ्त सुविधा।
  • 🔢 16 अंकों का यूनिक गाटा कोड जिससे जमीन के फर्जीवाड़े, अवैध कब्जों और दोहरी रजिस्ट्री पर पूरी तरह रोक लगती है।
  • 🏛️ भूखंड पर बैंक लोन (KCC बंधक) अथवा राजस्व न्यायालय (SDM/तहसीलदार कोर्ट) में चल रहे मुकदमों की तुरंत लाइव जानकारी।
  • 📝 ई-वरासत (धारा 33-1): पुश्तैनी खातेदार की मृत्यु के बाद उत्तराधिकारियों का नाम खतौनी में दर्ज कराने हेतु ऑनलाइन सुविधा।
  • 🛡️ सरकारी भूमि सुरक्षा: गाटा संख्या डालकर जांचें कि कहीं जमीन ग्राम सभा, तालाब, चकरोड या नवीन परती तो नहीं है।

📊 16-अंकीय लैंड कोड (Land Unicode) संरचना व भूमि वर्गीकरण

डिजिट क्रम (Digits)पहचान विवरण (Description)उदाहरण (Example)उद्देश्य व कार्य
अंक 1 से 6ग्राम सेंसस (LGD) कोड123456राजस्व ग्राम, तहसील व जनपद की भौगोलिक पहचान
अंक 7 से 10गाटा / खसरा संख्या0452उस राजस्व ग्राम में विशिष्ट खेत/प्लॉट की मूल संख्या
अंक 11 से 14अंश / खाता विभाजन संख्या0001खातेदारों में कानूनी बंटवारे का उप-क्रमांक
अंक 15 से 16भूमि श्रेणी कोड (Land Category)01 (कृषि) / 02 (आवासीय) / 03 (व्यावसायिक)धारा 80/143 गैर-कृषि व धोखाधड़ी-मुक्त रजिस्ट्री

पात्रता के नियम व शर्तें (Eligibility Criteria)

  • ✅ उत्तर प्रदेश में कृषि भूमि, आवासीय प्लॉट या संपत्ति रखने वाला कोई भी किसान, भू-स्वामी या संभावित खरीदार।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची (Documents Required)

  • 📄 जमीन का खसरा / गाटा संख्या (Khasra No.) अथवा
  • 📄 खाता संख्या (Khata No.) अथवा
  • 📄 खातेदार का नाम अथवा नामांतरण (दाखिल-खारिज) दिनांक

⚠️ भूलेख खतौनी व नक्शा देखने में आने वाली 5 मुख्य समस्याएं एवं समाधान

उत्तर प्रदेश भूलेख (upbhulekh.gov.in) पोर्टल पर जमीन की नकल देखते समय आने वाली मुख्य तकनीकी अड़चनें:

  • 1. खतौनी में नया नाम न दिखना (दाखिल-खारिज / नामांतरण प्रक्रिया लंबित होना): बैनामा कराने के बाद जब तक तहसीलदार न्यायालय से धारा 34 के तहत दाखिल-खारिज आदेश पारित नहीं होता, तब तक पुरानी खतौनी ही प्रदर्शित होती है।
    समाधान: राजस्व वाद न्यायालय (vaad.up.nic.in) पर अपने दाखिल-खारिज केस का वाद नंबर डालकर स्थिति जांचें।
  • 2. 16-अंकीय कंप्यूटरीकृत गाटा कोड का मिसमैच होना: चकबंदी या सर्वेक्षण के दौरान गाटा संख्या परिवर्तित होने पर पुराने नंबर से सर्च करने पर रिकॉर्ड नहीं मिलता।
    समाधान: तहसीलदार कार्यालय अथवा खतौनी के शीर्ष पर अंकित 16-अंकीय कंप्यूटरीकृत गाटा कोड का प्रयोग करें।
  • 3. फसली वर्ष (Fasli Year) का ऑनलाइन डाटा सिंक न होना: जुलाई माह में नया फसली वर्ष आरंभ होने पर लेखपाल द्वारा खतौनी का नवीनीकरण अपलोड होने में कुछ दिन लग सकते हैं।
    समाधान: ड्रॉपडाउन मेनू में पिछले फसली वर्ष का चयन करके भी पुरानी खतौनी नकल देखी जा सकती है।
  • 4. सह-खातेदारों के हिस्से का धारा 116 के तहत स्पष्ट बंटवारा न होना: संयुक्त खाते में कुल रकबा दिखता है लेकिन व्यक्तिगत सीमांकन हेतु धारा 116 के तहत कुर्रा-बंटवारा अनिवार्य है।
    समाधान: तहसील में धारा 116 यूपी राजस्व संहिता के तहत बंटवारा वाद दाखिल कर व्यक्तिगत खतौनी बनवाएं।
  • 5. पीक ऑवर्स में राजस्व परिषद सर्वर कंजेशन: प्रातः 10 बजे से 2 बजे के बीच अधिक ट्रैफिक होने से कैप्चा लोड न होना या टाइमआउट आना।
    समाधान: ब्राउज़र की कैशे साफ करें अथवा सायं 5 बजे के बाद रियल-टाइम खतौनी नकल देखें।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें (Step-by-Step Application Process)

  1. चरण 1: upbhulekh.gov.in पोर्टल खोलें और 'रियल टाइम खतौनी की नकल देखें' पर क्लिक करें।
  2. चरण 2: स्क्रीन पर दिया गया कैप्चा कोड दर्ज करें।
  3. चरण 3: अपना जनपद (District) ➔ तहसील (Tehsil) ➔ ग्राम (Village) चुनें।
  4. चरण 4: खसरा/गाटा संख्या, खाता संख्या या खातेदार के नाम द्वारा खोजें।
  5. चरण 5: खातेदार का नाम चुनकर 'उद्धरण देखें (View Details)' पर क्लिक करें और कैप्चा भरें।
  6. चरण 6: स्क्रीन पर संपूर्ण खतौनी प्रदर्शित होगी (जिसमें खातेदारों के नाम, अंश और बंधक विवरण होगा); इसे PDF में सेव या प्रिंट करें।

🔗 संबंधित जनसेवा पोर्टल व अन्य उपयोगी गाइड (Related Cluster Guides)

16-अंक कोड यूपी भूलेख 16-अंकीय यूनिक कोड से खतौनी नकल देखें ↗ भू-नक्शा यूपी भू-नक्शा (जमीन व खेत का प्रमाणित डिजिटल नक्शा व खसरा) ↗ फैमिली आईडी फैमिली आईडी - एक परिवार एक पहचान (जमीन व राशन कार्ड लिंकिंग) ↗ ई-डिस्ट्रिक्ट ई-डिस्ट्रिक्ट यूपी (आय, जाति, निवास व हैसियत प्रमाण पत्र) ↗

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

गाटे का 16 अंकों का यूनिक कोड क्या दर्शाता है?

यह जमीन का 'आधार नंबर' है: प्रथम 6 अंक ग्राम कोड, अगले 4 अंक गाटा संख्या, 11-14 अंक अंश विभाजन, और अंतिम 2 अंक भूमि श्रेणी (कृषि/आवासीय) दर्शाते हैं।

खतौनी में नाम गलत होने पर सुधार कैसे कराएं?

तहसील में धारा 38(1) यूपी राजस्व संहिता के तहत दुरुस्ती (शुद्धिकरण) का प्रार्थना पत्र तहसीलदार/एसडीएम न्यायालय में दाखिल किया जाता है।

🎥 आधिकारिक वीडियो गाइड व ऑनलाइन फॉर्म ट्यूटोरियल

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